देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पूर्व, पूर्वी भारत और कुछ उत्तरी राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में पांच दिनों तक भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है। (indiatoday.in)
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में इन राज्यों में मौसम ज्यादा प्रभावित रह सकता है—
- Assam
- Meghalaya
- Arunachal Pradesh
- Nagaland
- Manipur
- Mizoram
- Tripura
- West Bengal
- Bihar
- Jharkhand
इन क्षेत्रों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। (newsonair.gov.in)
उत्तर-पूर्व में 5 दिन का विशेष अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्व भारत के लिए विशेष पांच दिवसीय अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में लगातार बारिश से जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन ने स्थानीय एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। (timesofindia.indiatimes.com)
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा उत्तर भारत का मौसम
उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, हल्की बारिश और बादल छाए रहने से कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चल रहा था।
यात्रा योजनाओं पर पड़ सकता है असर
लगातार खराब मौसम का असर रेल, सड़क और हवाई यात्रा पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण ट्रैफिक और फ्लाइट संचालन प्रभावित होने की आशंका है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मौसम अपडेट और परिवहन सेवाओं की स्थिति जरूर जांच लें। (timesofindia.indiatimes.com)
बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा
IMD ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है।
विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों को भी फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
मौसम में बदलाव क्यों हो रहा है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण यह स्थिति बनी है।
पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करता है, जबकि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बारिश की स्थिति पैदा करती हैं।
क्या राजस्थान और दिल्ली को मिलेगी राहत?
Rajasthan और दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में भी अगले 48 घंटों में हल्की बारिश या तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इससे दिन के तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और मई के मध्य तक फिर गर्मी बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।
निष्कर्ष
देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है। उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि उत्तर भारत को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहने और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।