घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब सीधे आम लोगों की थाली पर दिखाई देने लगा है। Patna से लेकर Lucknow तक होटल, ढाबे, स्ट्रीट फूड विक्रेता और छोटे रेस्टोरेंट संचालक बढ़ती लागत से परेशान हैं।
खाद्य कारोबारियों का कहना है कि गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों ने उनका मुनाफा लगभग खत्म कर दिया है, जिसके कारण अब खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
Patna में बढ़ी खाने की कीमतें
Patna में कई छोटे होटल और स्ट्रीट फूड दुकानदारों ने खाने की कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक—
- चाय
- समोसा
- चाउमीन
- रोल
- थाली
- स्नैक्स
जैसी चीजों के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। (jagran.com)
व्यापारियों का कहना है कि केवल LPG ही नहीं, बल्कि तेल, सब्जियां और अन्य कच्चे माल की कीमतें भी बढ़ी हैं।
छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा दबाव
स्ट्रीट फूड और छोटे रेस्टोरेंट व्यवसाय कम मार्जिन पर चलते हैं। ऐसे में LPG सिलेंडर महंगा होने से सबसे ज्यादा असर इन्हीं कारोबारियों पर पड़ा है।
कई दुकानदारों का कहना है कि अगर कीमतें नहीं बढ़ाई जाएं तो दुकान चलाना मुश्किल हो जाएगा।
Lucknow में व्यापारियों का विरोध
Lucknow में भी गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। कुछ व्यापारिक संगठनों ने दावा किया कि लगातार बढ़ती लागत के कारण उनका मुनाफा तेजी से घट रहा है। (bhaskar.com)
कई कारोबारियों ने सरकार से कमर्शियल सिलेंडर पर राहत देने की मांग की है।
आम लोगों की जेब पर असर
खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने का सबसे बड़ा असर मध्यम वर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
जो लोग रोजाना बाहर खाना खाते हैं, उन्हें अब पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लागत का दबाव जारी रहा तो आने वाले समय में और कीमतें बढ़ सकती हैं।
कमर्शियल LPG क्यों है अहम?
रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे और चाय दुकानों में मुख्य रूप से कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल होता है।
जब इसकी कीमत बढ़ती है, तो कारोबारियों के लिए खाना तैयार करने की लागत भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि छोटे व्यापारियों को सबसे पहले दाम बढ़ाने पड़ते हैं।
महंगाई पर फिर शुरू हुई बहस
LPG कीमतों में बढ़ोतरी के बाद एक बार फिर महंगाई को लेकर राजनीतिक और आर्थिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर आम लोगों की परेशानियां बढ़ाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कीमतों का हवाला दे रही है।
क्या और महंगा हो सकता है खाना?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन और कच्चे माल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले महीनों में बाहर खाने की लागत और बढ़ सकती है।
विशेष रूप से छोटे शहरों और स्थानीय बाजारों में इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है।
ग्राहकों की बदल रही आदतें
कुछ व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहक अब कम ऑर्डर कर रहे हैं या सस्ती चीजों की ओर जा रहे हैं।
इससे छोटे व्यापारियों की बिक्री पर भी असर पड़ रहा है।
निष्कर्ष
Patna और Lucknow समेत कई शहरों में LPG कीमतों का असर अब सीधे खाने-पीने के कारोबार पर दिखाई देने लगा है। बढ़ती लागत के कारण होटल और स्ट्रीट फूड विक्रेता दाम बढ़ाने को मजबूर हैं, जबकि आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। आने वाले समय में ईंधन कीमतों की दिशा तय करेगी कि महंगाई और कितनी बढ़ सकती है।